रघु शर्मा ने मोटापे और पारिवारिक शंका के बावजूद हार नहीं मानी और इंजीनियर से क्रिकेटर बनने तक का लंबा संघर्ष तय किया। उन्होंने मुकाबले के बाद अपनी कहानी सुनाई।
‘मोटापे की वजह से पिता ने...’ पर्ची निकालने वाले रघु शर्मा ने इंजीनियर से क्रिकेटर बनने तक की सुनाई संघर्षपूर्ण कहानी
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Raghu Sharma emotinal journey & story: आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे रघु शर्मा ने अपने प्रदर्शन से ही नहीं, बल्कि अपनी कहानी से भी सबका दिल जीत लिया है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ डेब्यू के बाद जब लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उन्होंने अपना पहला विकेट लिया, तो जश्न मनाने का उनका अंदाज चर्चा का विषय बन गया।
विकेट लेने के बाद रघु शर्मा ने जेब से एक पर्ची निकाली, जिस पर ‘राधे-राधे, जय श्री राम’ और मुंबई इंडियंस के लिए धन्यवाद लिखा था। इस छोटे से जेस्चर के पीछे छिपी उनकी संघर्ष भरी कहानी अब सामने आई है, जो किसी प्रेरणा से कम नहीं है।
मोटापे की वजह से पिता ने जताई थी शंका
रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने मैच के बाद दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि एक समय ऐसा था जब उनका वजन करीब 102 किलोग्राम था। उनके परिवार में ज्यादातर लोग डॉक्टर और इंजीनियर थे, और वह खुद भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने भी साफ कह दिया था कि मोटापे की वजह से वह क्रिकेट में सफल नहीं हो पाएंगे। रघु ने कहा, “पापा ने कहा था कि तुम्हें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी, भागना पड़ेगा और यह खेल तुम्हारे लिए नहीं है।”
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— IndianPremierLeague (@IPL) May 5, 2026
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21 साल की उम्र में शुरू किया क्रिकेट, फिर भी नहीं मानी हार
जहां ज्यादातर खिलाड़ी बचपन से क्रिकेट खेलना शुरू कर देते हैं, वहीं रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने 21 साल की उम्र में इस खेल को गंभीरता से अपनाया। उस समय तक उनके लिए एज ग्रुप क्रिकेट के सभी मौके लगभग खत्म हो चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। उन्होंने कहा कि वह हमेशा मानते थे कि अगर भगवान हैं, तो वह जरूर सफल होंगे।
धोनी से Raghu Sharma को मिली प्रेरणा
रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने बताया कि उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को देखकर प्रेरणा ली और खुद को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी फिटनेस और स्किल पर लगातार काम किया। उन्होंने कहा, “मैं हफ्ते में 6 दिन सिर्फ लेग स्पिन की प्रैक्टिस करता था। आज भी रोज 10 ओवर डालता हूं। अगर आप गेंदबाज हैं तो आपको लगातार गेंदबाजी करनी होगी, तभी आपकी कलाई अपने आप काम करने लगेगी।”

जालंधर से IPL तक का सफर बना मिसाल
11 मार्च 1993 को पंजाब के जालंधर में जन्मे रघु शर्मा (Raghu Sharma) का सफर आसान नहीं रहा। इंजीनियरिंग की पढ़ाई से लेकर क्रिकेट के मैदान तक पहुंचने में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ डेब्यू के बाद वह पहले मैच में विकेट नहीं ले पाए थे, लेकिन लखनऊ के खिलाफ उन्होंने अपना पहला आईपीएल विकेट लेकर अपनी पहचान बना ली।
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