टीम इंडिया के खिलाड़ी ने 32 साल की उम्र में लिया संन्यास, क्रिकेट जगत में मची हलचल; WTC फाइनल का भी था हिस्सा

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 32 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का भी फाइनल मुकाबला खेला था।

iconPublished: 04 Jun 2026, 10:45 PM
iconUpdated: 04 Jun 2026, 11:34 PM

भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत ने महज 32 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर सभी को चौंका दिया है। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे भरत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने रिटायरमेंट की घोषणा की। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी उपयोगिता साबित की थी।

केएस भरत (KS Bharat) उन खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिन्होंने टीम इंडिया के लिए मौके मिलने पर हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। विकेट के पीछे उनकी फुर्ती और ग्लव्स वर्क की काफी सराहना हुई थी। यही वजह रही कि उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी भारतीय टीम का हिस्सा बनाया गया था।

KS Bharat ने किया संन्यास का ऐलान

केएस भरत (KS Bharat) ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने लिखा कि भारत के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और टेस्ट क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात थी। भरत ने अपने करियर के दौरान मिले हर अवसर के लिए बीसीसीआई, कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट का धन्यवाद करते हुए अपने सफर को यादगार बताया।

विराट और रोहित को कहा खास धन्यवाद

संन्यास की घोषणा के दौरान भरत ने पूर्व कप्तान विराट कोहली और कप्तान रोहित शर्मा का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों दिग्गजों की कप्तानी में खेलना उनके करियर का सबसे बेहतरीन अनुभव रहा। भरत के अनुसार, ड्रेसिंग रूम में मिले मार्गदर्शन, समर्थन और सीख ने उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनने में काफी मदद की।

KS Bharat heads for a net session in Rajkot, February 13, 2024

टीम इंडिया के लिए ऐसा रहा हैं KS Bharat का करियर

केएस भरत (KS Bharat) ने भारत के लिए कुल 7 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 20.09 की औसत से 221 रन बनाए। बल्लेबाजी में वह कोई शतक या अर्धशतक नहीं लगा सके, लेकिन विकेटकीपिंग में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में उन्हें लगातार मौके मिले और उन्होंने टीम की जरूरतों के अनुसार अपनी भूमिका निभाने का प्रयास किया।