विदेशी लीग खेलने के लिए रिटायरमेंट लेने वाले खिलाड़ियों पर BCCI सख्त, जल्द आएगी नई पॉलिसी

विदेशी टी20 लीग्स में खेलने के लिए संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को लेकर बीसीसीआई नई रिटायरमेंट पॉलिसी लाने की तैयारी में है।

iconPublished: 04 Jun 2026, 11:00 PM
iconUpdated: 04 Jun 2026, 11:34 PM

भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई ऐसे खिलाड़ी देखने को मिले हैं जिन्होंने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विदेशी टी20 लीग्स का रुख किया है। बेहतर अवसर और लगातार क्रिकेट खेलने की चाहत के चलते कई भारतीय क्रिकेटरों ने यह रास्ता चुना, लेकिन अब बीसीसीआई इस मामले को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।

रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही खिलाड़ियों के लिए नई रिटायरमेंट पॉलिसी ला सकता है। इस पॉलिसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ी संन्यास लेने से पहले उसके प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखें। इस मुद्दे पर बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है।

विदेशी लीग्स को लेकर BCCI बनाएगी नई पॉलिसी

बीसीसीआई (BCCI) फिलहाल अपने सक्रिय खिलाड़ियों को विदेशी टी20 लीग्स में खेलने की अनुमति नहीं देता है। कोई भी भारतीय खिलाड़ी तब तक विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता जब तक वह इंटरनेशनल क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से पूरी तरह संन्यास नहीं ले लेता। अब बोर्ड इसी नियम को और स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के लिए नई रिटायरमेंट पॉलिसी तैयार कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

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BCCI: विजय शंकर और केएस भरत जैसे खिलाड़ियों ने बढ़ाई चर्चा

हाल ही में विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद लंका प्रीमियर लीग में कैंडी रॉयल्स के लिए खेलने का फैसला किया। वहीं 32 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, जिसके बाद उनके विदेशी लीग्स में खेलने की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इन घटनाओं ने बीसीसीआई को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया है।

BCCI: पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी चुन चुके हैं यह रास्ता

विजय शंकर और केएस भरत से पहले युवराज सिंह, इरफान पठान और दिनेश कार्तिक जैसे खिलाड़ी भी भारतीय क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद विदेशी लीग्स में खेल चुके हैं। ऐसे उदाहरण लगातार बढ़ने के कारण बोर्ड अब स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करना चाहता है, जिससे खिलाड़ियों और बोर्ड दोनों के हितों के बीच संतुलन बना रहे।

BCCI: फिजी और मालदीव में क्रिकेट को बढ़ावा देगा BCCI

एपेक्स काउंसिल की बैठक में सिर्फ रिटायरमेंट पॉलिसी ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के विकास को लेकर भी चर्चा होगी। बीसीसीआई ने फिजी और मालदीव में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए मदद का फैसला किया है। बोर्ड इन देशों में कोच भेजने के साथ-साथ तकनीकी और संरचनात्मक सहायता भी उपलब्ध कराएगा। इससे पहले बीसीसीआई अफगानिस्तान और नेपाल में भी क्रिकेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।