Suryakumar Yadav: टीम इंडिया को साल 2028 में ओलंपिक खेलों के अलावा टी20 वर्ल्ड कप में भी खेलना है जिसमें सूर्यकुमार यादव के लिए अपनी जगह बना पाना काफी मुश्किल काम दिख रहा है।
टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव होंगे टीम इंडिया से बाहर? BCCI उठा सकता है बड़ा कदम!
Table of Contents
Suryakumar Yadav: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भले ही टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप जीता हो लेकिन अब उनका टीम से पत्ता साफ हो सकता है। वो इस वक्त आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेल रहे हैं लेकिन उनका बल्ला कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रहा है।
अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए सूर्या (Suryakumar Yadav) पर टीम इंडिया से बाहर होने का खतरा भी मंडरा रहा है। टीम इंडिया को साल 2028 में ओलंपिक खेलों के अलावा टी20 वर्ल्ड कप में भी खेलना है जिसमें सूर्यकुमार यादव के लिए अपनी जगह बना पाना काफी मुश्किल काम दिख रहा है।
Suryakumar Yadav का गिरता प्रदर्शन
सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 बेहद खराब रहा था, जहां उनका स्ट्राइक रेट 120 से नीचे गिर गया और वे पूरे साल एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। हालांकि, 2026 की शुरुआत में उन्होंने 160 के स्ट्राइक रेट से चार अर्धशतक जड़कर वापसी के संकेत दिए, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप के बड़े मैचों में वे फिर फुस्स नजर आए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सूर्या 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा रहेंगे? इस कड़ी में, जून-जुलाई में होने वाला भारत का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा कप्तान के लिए अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है, जहां उनकी कप्तानी से ज्यादा उनकी बल्लेबाजी पर पैनी नजर रहेगी।
- Important Game
— Sam (@Cricsam01) April 7, 2026
- Early wicket fall
- Big Run Chase
ANOTHER FAILURE OF SURYAKUMAR YADAV IN IMPORTANT MATCH🤯 pic.twitter.com/e1U5q5QdXJ
टी20 वर्ल्ड कप में फुस्स रहे Suryakumar Yadav
टी20 वर्ल्ड कप में अमेरिका के खिलाफ पहले मैच को छोड़ दिया जाए, तो खिताब जीतने के सफर में सूर्या के बल्ले से कोई बड़ी पारी नहीं निकली। अब जबकि टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में जबरदस्त फायरपावर मौजूद है और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, सूर्या के लिए खुद को साबित करना जरूरी हो गया है।
Suryakumar Yadav पर होगी पैनी नजर
जून-जुलाई में होने वाला इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा यह तय कर देगा कि सूर्या को अगले दो साल का ग्रेस पीरियड मिलेगा या नहीं। यदि वे अपनी पुरानी मिस्टर 360 वाली लय हासिल नहीं कर पाते हैं, तो चयनकर्ता भविष्य की ओर देखते हुए कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों मोर्चों पर कड़े फैसले ले सकते हैं। भारत के पास प्रतिभा की कमी नहीं है, ऐसे में सूर्या को केवल अपने नाम पर नहीं, बल्कि काम पर ध्यान देना होगा।
माँ ने जेवर बेचकर दिलाए थे जूते, बेटे ने IPL डेब्यू में मचा दिया तूफान; साकिब हुसैन की संघर्ष भरी कहानी