अब दो फेज में होगा IPL! सितंबर-अक्टूबर विंडो पर BCCI का बड़ा प्लान, साल में 2 बार टूर्नामेंट कराने पर विचार

बीसीसीआई आईपीएल को दो फेज में कराने की तैयारी कर रहा है। बढ़ती गर्मी और मैचों की संख्या को देखते हुए सितंबर-अक्टूबर विंडो पर विचार हो रहा है, जबकि नया मॉडल 2028 या 2029 से लागू हो सकता है।

iconPublished: 27 May 2026, 04:20 PM
iconUpdated: 27 May 2026, 04:29 PM

आईपीएल के भविष्य को लेकर बीसीसीआई अब बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है। दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आने वाले वर्षों में सिर्फ अपने फॉर्मेट ही नहीं, बल्कि आयोजन की टाइमिंग में भी बड़ा बदलाव देख सकती है। अब तक हर साल मार्च से मई के बीच खेले जाने वाले आईपीएल को भविष्य में दो अलग-अलग फेज में कराने की योजना पर गंभीर चर्चा शुरू हो चुकी है।

दरअसल IPL में लगातार बढ़ती मैचों की संख्या और मई-जून की भीषण गर्मी बीसीसीआई के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मौजूदा समय में टूर्नामेंट में 74 मुकाबले खेले जाते हैं लेकिन आने वाले चक्र में इसे बढ़ाकर 94 मैच तक किया जा सकता है। ऐसे में पूरे टूर्नामेंट को एक ही विंडो में आयोजित करना मुश्किल माना जा रहा है। इसी वजह से सितंबर-अक्टूबर विंडो को लेकर नया प्लान तैयार किया जा रहा है।

सितंबर-अक्टूबर विंडो पर BCCI का बड़ा प्लान

IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने स्पोर्टस्टार को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि बीसीसीआई अब टूर्नामेंट की नई विंडो पर गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आईसीसी के फ्यूचर टूर प्रोग्राम और ब्रॉडकास्टर्स के साथ तालमेल सही बैठता है तो IPL को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक पहला फेज फरवरी के आखिर से अप्रैल तक खेला जाएगा, जबकि दूसरा फेज सितंबर से अक्टूबर के बीच आयोजित हो सकता है। बोर्ड का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को भी राहत मिलेगी और टूर्नामेंट को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।

74 से 94 मैच तक पहुंच सकता है IPL

आईपीएल लगातार विस्तार की तरफ बढ़ रहा है और आने वाले समय में मुकाबलों की संख्या बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। फिलहाल लीग में 74 मैच खेले जाते हैं लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे बढ़ाकर 94 मुकाबलों तक ले जाने की तैयारी चल रही है। इतने बड़े टूर्नामेंट को लगातार दो महीने तक आयोजित करना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब खिलाड़ियों के वर्कलोड और इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल को भी संतुलित रखना जरूरी हो। यही वजह है कि बीसीसीआई दो फेज वाले मॉडल को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में देख रहा है।

त्योहारों के सीजन में ब्रॉडकास्टर्स को होगा बड़ा फायदा

सितंबर और अक्टूबर का समय भारत में मौसम और बिजनेस दोनों लिहाज से काफी अहम माना जाता है। इस दौरान मानसून खत्म हो चुका होता है और त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है, जिसमें कंपनियां बड़े स्तर पर विज्ञापन खर्च करती हैं। बीसीसीआई का मानना है कि अगर IPLका दूसरा फेज इसी समय आयोजित किया जाता है तो ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और लीग तीनों को जबरदस्त फायदा मिल सकता है। इसके अलावा मौसम भी खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए ज्यादा अनुकूल रहेगा, जिससे स्टेडियम में फैंस की मौजूदगी बढ़ सकती है।

Virat Kohli and Shubman Gill greet each other after the game, Royal Challengers Bengaluru vs Gujarat Titans, IPL 2026 Qualifier 1, Dharamsala, May 26, 2026

2028 या 2029 से दिख सकता है नया IPL मॉडल

हालांकि IPL को दो फेज में कराने का फैसला अभी शुरुआती स्तर पर ही है और इसे लागू होने में थोड़ा वक्त लग सकता है। बीसीसीआई इस मुद्दे पर आईसीसी, दूसरे क्रिकेट बोर्ड्स और ब्रॉडकास्टर्स के साथ विस्तार से चर्चा करेगा क्योंकि खिलाड़ियों की उपलब्धता सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। माना जा रहा है कि मौजूदा एफटीपी चक्र खत्म होने के बाद यानी 2028 या 2029 से आईपीएल का नया मॉडल लागू किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो क्रिकेट फैंस को साल में दो अलग-अलग विंडो में आईपीएल का रोमांच देखने को मिलेगा।