क्या अब होगा ऑनलाइन गेमिंग का 'गेम ओवर'? भारत सरकार ने नियम बनाने के लिए बैंकों, फिनटेक के साथ बुलाई बैठक

Online Gaming Act: केंद्र सरकार ने नए ऑनलाइन गेमिंग कानून को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सरकार ने शुक्रवार को देश के बड़े बैंकों और फिनटेक कंपनियों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें इस नए कानून को लागू करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।

iconPublished: 29 Aug 2025, 02:05 PM
iconUpdated: 29 Aug 2025, 02:07 PM

Central Government Calls Meeting on Online Gaming Act: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग पर नकेल कसने की तैयारी तेज कर दी है। हाल ही में संसद से पारित ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 को लागू करने के लिए सरकार अब बैंकों और फिनटेक कंपनियों को साथ लेकर आगे बढ़ने जा रही है। इसके तहत शुक्रवार शाम 4 बजे एक बड़ी बैठक बुलाई गई है।

यह पहली बार होगा जब सरकार और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन आमने-सामने बैठकर इस कानून को लागू करने की दिशा तय करेंगे। ऐसे में यह बैठक ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री और करोड़ों खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल?

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (MeitY) के सेक्रेटरी मौजूद रहेंगे। उनके साथ, देश के प्रमुख बैंकों और पेमेंट गेटवे कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक का हिस्सा होंगे।

Central Government Call Meeting on Online Gaming Act with with banks fintechs to frame

Online Gaming Act क्या है?

ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 (Online Gaming Act) संसद में 21 अगस्त को पास हुआ और 22 अगस्त को राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दे दी। इस नए कानून के मुताबिक अब भारत में किसी भी तरह के ऑनलाइन गेम, जिसमें असली पैसे (रियल मनी) का इस्तेमाल होता है, उन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस एक्ट के तहत:

  • ऐसे गेम्स का विज्ञापन करना भी बैन है।
  • निगरानी के लिए नेशनल ऑनलाइन गेमिंग कमीशन बनाया गया है।
  • यह कमीशन लाइसेंसिंग, मॉनिटरिंग और अनुमत गेम्स (जैसे ई-स्पोर्ट्स, सोशल गेम्स) को बढ़ावा देगा।
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क्या होगा मुख्य एजेंडा?

इस बैठक का उद्देश्य नए ऑनलाइन गेमिंग एक्ट (Online Gaming Act) को जमीन पर लागू करने की रणनीति तय करना है। खासकर इन मुद्दों पर चर्चा होगी:

  • बैन किए गए ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पैसों का प्रवाह कैसे रोका जाए।
  • मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के नियमों (AML norms) का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाए।
  • जिन खिलाड़ियों के गेमिंग वॉलेट्स में पैसा अटका है, उनके लिए रिफंड सिस्टम कैसे बनाया जाए।

रिपोर्ट में एक सरकारी सोर्स ने बताया, “ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू करने में सबसे बड़ी भूमिका वित्तीय तंत्र की होगी। बैंकों और फिनटेक कंपनियों को यह देखना होगा कि कोई भी खिलाड़ी वैकल्पिक भुगतान चैनलों के जरिए कानून को दरकिनार न कर सके।”

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