विश्व कप विजेता कोच ने पाकिस्तान क्रिकेट की खोली पोल, वर्क कल्चर को बताया टॉक्सिक

विश्व कप विजेता कोच गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के वर्क कल्चर को टॉक्सिक बताते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बाहरी दखलअंदाजी और अस्थिर सिस्टम को टीम की खराब स्थिति की मुख्य वजह बताया।

iconPublished: 21 Mar 2026, 04:38 PM
iconUpdated: 21 Mar 2026, 04:45 PM

Gary Kirsten reveals PCB work culture: पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन जब भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर गिरता है, तो सबसे पहले निशाने पर हेड कोच ही आता है। हार का ठीकरा अक्सर कोच के सिर फोड़ दिया जाता है, जबकि जीत की स्थिति में खिलाड़ियों और मैनेजमेंट की वाहवाही देखने को मिलती है। यह ट्रेंड कोई नया नहीं है, लेकिन अब इस पर एक बड़े नाम ने खुलकर बयान दिया है।

साल 2011 में टीम इंडिया को वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाले दिग्गज कोच गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अंदरूनी माहौल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपने छोटे कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए साफ कहा कि वहां काम करने की स्थिति बिल्कुल भी पेशेवर नहीं थी, जिसके चलते उन्हें सिर्फ 6 महीने में ही पद छोड़ना पड़ा।

Gary Kirsten ने पाकिस्तान क्रिकेट की खोली पोल

गैरी कर्स्टन (Gary Kirsten) ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान टीम के लिमिटेड ओवर्स हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन उनका यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। talkSPORT Cricket से बातचीत में उन्होंने बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट का वर्क कल्चर बेहद “टॉक्सिक” है।

Gary Kirsten resigns as Pakistan's ODI and T20I coach | ESPNcricinfo

कर्स्टन ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी बाहरी दखलअंदाजी ने दी। टीम के फैसलों में लगातार हस्तक्षेप होता था, जिससे कोच के लिए काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इतने दबाव और दखल के बीच खिलाड़ियों के साथ सही संवाद स्थापित करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

आखिर कोच रखने की जरूरत ही क्या

कर्स्टन (Gary Kirsten) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी टीम खराब प्रदर्शन करती है, तो सबसे आसान रास्ता कोच को हटाना माना जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर हर बार यही करना है तो फिर कोच रखने का औचित्य ही क्या है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि लगातार बदलाव और अस्थिरता के कारण किसी भी कोच के लिए लंबी अवधि में सफलता हासिल करना मुश्किल हो जाता है।

Gary Kirsten's scathing review of 'tumultous' short tenure as Pakistan coach: 'I'm too old to be dealing with agendas' | Cricket News - The Indian Express

पीसीबी के सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

गैरी कर्स्टन (Gary Kirsten) के इस बयान के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खासतौर पर चेयरमैन मोहसिन नकवी के कार्यकाल को लेकर भी उन्होंने संकेत दिए कि मौजूदा सिस्टम में स्थिरता की भारी कमी है। लगातार हस्तक्षेप, जिम्मेदारी का अभाव और कोचिंग स्टाफ पर दबाव ये सभी बातें पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं।