T20 WC 2026: सभी जानना चाहते हैं कि अगर बारिश ने सेमीफाइनल मैच को बेकार करने की कोशिश की तो किस टीम को फायदा होगा अगर नहीं तो क्या सेमीफाइनल और फाइनल के लिए रिजर्व डे है या नहीं?
T20 WC 2026 के सेमीफाइनल पर अगर बारिश ने फेरा पानी, किस टीम को होगा फायदा? क्या कहता है ICC का नियम
Table of Contents
T20 WC 2026: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज और सुपर-8 के सारे मुकाबले खत्म हो चुके हैं अब सिर्फ 3 ही मैच बचे हैं। सेमीफाइनल मुकाबले की अब तैयारी शुरू हो चुकी है।
इंडिया, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड की टीमों ने अब सेमीफाइनल की तैयारियों को और तेज कर दिया है। इन सभी टीमों के पास ट्रॉफी उठाने का सुनहरा मौका है। हालांकि, अगर बारिश ने मैच में खलल डाला, तो फैंस की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में सभी जानना चाहते हैं कि अगर बारिश ने मैच को बेकार करने की कोशिश की तो किस टीम को फायदा होगा अगर नहीं तो क्या सेमीफाइनल और फाइनल के लिए रिजर्व डे है या नहीं?
T20 WC 2026: सेमीफाइनल में होगा रिजर्व डे?
आईसीसी ने दोनों ही सेमीफाइनल मैचों के लिए रिजर्व डे रखा है। भारत में मौजूदा समय के मौसम को ध्यान में रखकर ये फैसला लिया गया है। हालांकि, आईसीसी के नियमों के मुताबिक मैच को निर्धारित समय में ही खत्म करने का प्रयास किया जाएगा, भले ही कुछ ओवरों को कम करना पड़ जाए।

T20 WC 2026: रिजर्व डे में भी एक्ट्रा टाइम
मैच को पूरा करने के लिए आईसीसी ने एक्स्ट्रा समय भी दिया है। मैच के दिन 90 मिनट तो वहीं रिजर्व डे के दिन 120 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम मिलने वाला है। मैच का नतीजा निकलने के लिए दोनों ही टीमों को कम से कम 10 ओवर तक बल्लेबाजी करनी होगी। अगर मैच के बीच में बारिश होती है, तो अगले दिन उसी ओवर से ही मुकाबला शुरू किया जाएगा। दोनों सेमीफाइनल मुकाबला 7 बजे शाम से खेला जाएगा। वहीं रिजर्व डे के दिन 3 बजे से मैच शुरू होगा।

रिजर्व डे को लेकर क्या कहता है ICC का नियम?
मैच रिजर्व डे के दिन गया तो 2 स्थितियां हो सकती है। अगर पहले मैच के दिन कुछ ओवर फेंके गए हैं, तो रिजर्व डे के दिन वहीं से खेला शुरु होगा। मैच डे के दिन अगर ओवर कम हुए, तो अगले दिन भी वहीं स्थिति रहेगी। हालांकि, अगर मैच डे के दिन एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी, तो रिजर्व डे के दिन 20-20 ओवरों का मैच ही होगा। आईसीसी फिलहाल नतीजा निकालने पर ही अपना फोकस कर रहा है। जिससे फैंस को निराश होकर नहीं लौटना पड़े।