न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में जब ईशान किशन विकेटों के पीछे नजर आए, तो कई फैंस हैरान रह गए। पहले चार मैचों में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल चुके संजू सैमसन की जगह अचानक ईशान को यह रोल मिलना चर्चा का विषय बन गया, खासकर तब जब किशन बतौर बल्लेबाज शानदार फॉर्म में थे।
हालांकि मैच खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी साफ कर दी। उन्होंने बताया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि सीरीज शुरू होने से पहले ही विकेटकीपिंग को लेकर टीम मैनेजमेंट की रणनीति तय हो चुकी थी।
पहले से तय था विकेटकीपिंग का प्लान
पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने खुलासा किया कि सीरीज शुरू होने से पहले ही यह तय कर लिया गया था कि संजू सैमसन तीन मैचों में और ईशान किशन (Ishan Kishan) दो मैचों में विकेटकीपिंग करेंगे। कप्तान ने कहा, “सीरीज की शुरुआत से ही दोनों विकेटकीपर प्लेइंग-11 का हिस्सा थे, क्योंकि तिलक वर्मा उपलब्ध नहीं थे। योजना के मुताबिक संजू तीन मैचों में और ईशान दो मैचों में विकेटकीपिंग करने वाले थे।”
चौथे टी20 में क्यों नहीं कर सके Ishan Kishan विकेटकीपिंग
सूर्यकुमार यादव ने यह भी बताया कि चौथे टी20 में ईशान किशन (Ishan Kishan) एक छोटी सी चोट (निगल) के कारण उपलब्ध नहीं थे, इसी वजह से वह उस मैच में विकेटकीपिंग नहीं कर सके। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से ईशान चौथा मैच नहीं खेल पाए, लेकिन अगर वह फिट होते तो आज की तरह उसी मैच में भी विकेटकीपिंग करने वाले थे।”
वर्ल्ड कप से पहले बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत
कप्तान सूर्या ने माना कि इस तरह के फैसले वर्ल्ड कप से पहले टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट से पहले इस तरह की प्रतिस्पर्धा टीम के लिए फायदेमंद होती है और खिलाड़ियों को हर मौके पर खुद को साबित करने का चांस मिलता है।
Ishan Kishan के प्रदर्शन से खुश दिखे कप्तान
करीब दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे ईशान किशन (Ishan Kishan) ने इस टी20 सीरीज में जोरदार बयान दिया। चार मैचों में 215 रन बनाकर वह टीम के टॉप परफॉर्मर्स में शामिल रहे। सूर्यकुमार यादव ने ईशान (Ishan Kishan) की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह घरेलू क्रिकेट की तरह ही बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। कप्तान के मुताबिक, ईशान और अभिषेक शर्मा की आक्रामक शुरुआत मिडिल ऑर्डर पर से दबाव कम कर देती है, जिससे टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने में मदद मिलती है।
अब टी20 वर्ल्ड कप पर नजर
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम का पूरा फोकस अब टी20 वर्ल्ड कप पर है। टीम इंडिया 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में USA के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जहां चयन और रोल को लेकर यह प्रतिस्पर्धा और दिलचस्प होने वाली है।