‘बहुत दर्दनाक इंजरी…’ स्प्लीन इंजरी पर श्रेयस अय्यर ने तोड़ी चुप्पी, दर्द से वापसी तक की बताई पूरी कहानी

स्प्लीन इंजरी से उबरकर मैदान पर लौटे श्रेयस अय्यर ने पहली बार अपनी दर्दनाक चोट पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि इंजरी काफी दर्दनाक थी।

iconPublished: 14 Jan 2026, 07:59 PM
iconUpdated: 14 Jan 2026, 08:13 PM

Shreyas Iyer on his injury: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला राजकोट में खेला गया। इस मैच से पहले टीम इंडिया के उपकप्तान श्रेयस अय्यर एक बार फिर चर्चा में आए, लेकिन वजह उनका खेल नहीं बल्कि उनकी दर्दनाक इंजरी रही। स्प्लीन इंजरी से उबरकर मैदान पर लौटे अय्यर ने पहली बार खुलकर उस दौर को याद किया, जब उन्हें खुद नहीं पता था कि वह कितनी गंभीर स्थिति से गुजर रहे हैं।

मैच से पहले जब श्रेयस अय्यर से उनकी चोट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि यह उनके करियर की सबसे मुश्किल और दर्दनाक इंजरी में से एक थी। उन्होंने बताया कि इस चोट ने उन्हें शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी काफी प्रभावित किया।

Shreyas Iyer ने तोड़ी चुप्पी

अपनी इंजरी पर बात करते हुए श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें चोट की गंभीरता का अंदाजा ही नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं मालूम था कि स्प्लीन शरीर का इतना महत्वपूर्ण अंग होती है। अय्यर के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के अगले दिन उन्हें एहसास हुआ कि मामला कितना गंभीर है। दर्द इतना ज्यादा था कि वह एक जगह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहे थे।

Shreyas Iyer cracks one away on the back foot, India vs New Zealand, 1st ODI, Vadodara, January 11, 2026

कैसे लगी थी Shreyas Iyer को स्प्लीन इंजरी?

श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को यह गंभीर चोट ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान लगी थी। फील्डिंग करते समय कैच पकड़ने की कोशिश में वह तेज़ी से जमीन पर गिरे, जिससे उनकी स्प्लीन में गंभीर चोट आ गई। हादसे के तुरंत बाद अय्यर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका करीब एक हफ्ते तक इलाज चला।

Shreyas Iyer is helped off the ground after taking a pain-causing catch to dismiss Alex Carey, Australia vs India, 3rd ODI, Sydney, October 25, 2025

दर्द से वापसी तक का सफर

स्प्लीन इंजरी के बाद श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। अक्टूबर के बाद अब जाकर वह दोबारा टीम इंडिया के लिए मैदान पर उतर पाए हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान सबसे मुश्किल काम धैर्य बनाए रखना था। जल्दबाजी करने की बजाय उन्होंने अपनी फिटनेस, शरीर की प्रतिक्रिया और मेडिकल सलाह को प्राथमिकता दी, ताकि पूरी तरह स्वस्थ होकर ही वापसी की जा सके।

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