वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जिताने के बाद संजू सैमसन का भावुक जश्न वायरल हो गया। नाबाद 97 रन की पारी के बाद उन्होंने इसे ईश्वर के प्रति आभार का निजी पल बताया।
Sanju Samson: ‘मैं गहरा विश्वास...’ वेस्टइंडीज को धूल चटाने के बाद खास जश्न पर बोले संजू सैमसन
Sanju Samson on his celebration: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत के बाद जो दृश्य ईडन गार्डन्स में देखने को मिला, उसने लाखों फैंस को भावुक कर दिया। मैच जिताने वाले चौके के बाद संजू सैमसन ने हेलमेट उतारा, घुटनों के बल बैठे और हाथ जोड़कर आसमान की ओर देखा यह जश्न सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि उनके संघर्षों की कहानी का प्रतीक था।
पिछले कुछ महीनों में टीम संयोजन, ओपनिंग स्लॉट और लगातार प्रतिस्पर्धा के कारण सैमसन को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा था। लेकिन कोलकाता में 1 मार्च की रात उन्होंने अपने बल्ले से जवाब दिया—50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाकर भारत को 5 विकेट से जीत दिलाई और सेमीफाइनल का टिकट पक्का कराया।
वायरल जश्न पर बोले Sanju Samson
मैच के बाद सैमसन (Sanju Samson) के इस भावुक जश्न ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बटोरी। जब उनसे इस जश्न के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे निजी बताते हुए ज्यादा खुलासा करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे खास रातों में से एक थी और यह पल उनके तथा ईश्वर के बीच का एक बेहद निजी क्षण है।

196 रन का लक्ष्य दबाव और जिम्मेदारी दोनों
सैमसन (Sanju Samson) ने स्वीकार किया कि 196 रन का लक्ष्य आसान नहीं था, खासकर तब जब वेस्टइंडीज के गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट लेते रहे। साझेदारियों के टूटने से दबाव लगातार बढ़ता गया। उन्होंने कहा कि टीम की बल्लेबाजी ताकत को देखते हुए लक्ष्य हासिल करना संभव था, लेकिन लगातार विकेट गिरने से रणनीति बदलनी पड़ी। ऐसे में अनुभव और जिम्मेदारी दोनों की परीक्षा हुई।

परिस्थिति के अनुसार बदली रणनीति
सैमसन (Sanju Samson) ने बताया कि लक्ष्य का पीछा करते समय उन्होंने जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए ज्यादा चौकों पर ध्यान दिया। गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आ रही थी और कैरेबियाई गेंदबाज अच्छी गति से गेंदबाजी कर रहे थे, इसलिए टाइमिंग पर भरोसा करना अहम रहा। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में बल्लेबाज बड़े शॉट्स के बारे में सोचता है, लेकिन दबाव वाले मुकाबले में सही विकल्प चुनना ज्यादा जरूरी होता है।