टीम इंडिया में वापसी आसान नहीं होती, खासकर तब जब मुकाबला बेहद कड़ा हो और हर पोजिशन के लिए कई दावेदार मौजूद हों। भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने यह चुनौती नजदीक से देखी और महसूस की है। पिछले एक साल तक टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने सिर्फ अपनी गेंदबाजी पर ही नहीं, बल्कि खुद को समझने पर भी पूरा ध्यान दिया।

आईपीएल में खराब प्रदर्शन और फ्रेंचाइजी से रिलीज होने के बाद बिश्नोई के सामने खुद को फिर से साबित करने की बड़ी परीक्षा थी। लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा रिलीज किए जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी। उसी मेहनत और धैर्य का नतीजा न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया में वापसी के रूप में सामने आया।

लाइन-लेंथ पर Ravi Bishnoi ने किया सबसे ज्यादा काम

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने खुलकर अपनी तैयारी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में उन्होंने अपनी लाइन और लेंथ पर खास तौर पर काम किया। बिश्नोई के मुताबिक, पिछले आईपीएल में उनका प्रदर्शन इसलिए कमजोर रहा क्योंकि गेंदबाजी की सही लेंथ पर उनका कंट्रोल नहीं था। उन्होंने बताया कि अब वह स्टंप्स के पास 5-6 मीटर की लेंथ पर गेंद डालने की कोशिश करते हैं, जहां से बल्लेबाज के लिए शॉट खेलना आसान नहीं होता।

Ravi Bishnoi had Mark Chapman caught behind, India vs New Zealand, 3rd T20I, Guwahati, January 25, 2026

सालभर बाद टीम इंडिया में वापसी

25 साल के रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने इससे पहले फरवरी 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए आखिरी मुकाबला खेला था। इसके बाद वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए शुरुआती टीम में भी शामिल नहीं थे। स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद उन्हें मौका मिला, जिसे उन्होंने दोनों हाथों से भुनाया। तीसरे टी20 मैच में बिश्नोई ने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो अहम विकेट झटके और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

घरेलू क्रिकेट ने दिलाई मजबूती

बिश्नोई (Ravi Bishnoi) का मानना है कि टीम से बाहर रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से काफी मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम बेहद मजबूत है और यहां मौके कम मिलते हैं। ऐसे समय में घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना ही वापसी का रास्ता खोलता है। घरेलू क्रिकेट में मिली लय और आत्मविश्वास ने उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए फिर से तैयार किया।

Ravi Bishnoi broke the opening stand, India vs England, 4th T20I, Pune, January 31, 2025

नर्वसनेस के साथ उत्साह भी रहा

न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में खेलने से पहले बिश्नोई (Ravi Bishnoi) थोड़े नर्वस जरूर थे, लेकिन उत्साह भी उतना ही था। उन्होंने कहा कि जब भी मौका मिलता है, तो अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव रहता है। बिश्नोई ने अपनी गेंदबाजी की स्पीड को लेकर कहा कि उनके लिए सबसे अहम सही लेंथ और सही गति है। वह किसी तय स्पीड में गेंदबाजी नहीं करते, बल्कि मैच के हालात और अपने फील के हिसाब से गेंद डालते हैं। यही सोच उनकी वापसी की सबसे बड़ी ताकत बनी।

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