BCCI: भारतीय क्रिकेट में फिटनेस के लिए अक्सर नए मानक तय किए जाते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से ब्रोंको टेस्ट (Bronco Test) चर्चा में है। अब इस टेस्ट को रोहित शर्मा से जोड़कर एक सनसनीखेज दावा किया गया है। इससे बीसीसीआई की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
BCCI ने रची रोहित शर्मा को टीम से बाहर करने की साजिश? पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने 'ब्रोंको टेस्ट' पर उठाए सवाल

Manoj Tiwary on Bronco Test: पिछले कुछ दिनों से भारतीय क्रिकेट में ब्रोंको टेस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने एक चौंकाने वाला दावा कर भारतीय क्रिकेट में हलचल मचा दी है। उन्होंने ब्रोंको टेस्ट को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि टीम इंडिया में हाल ही में लागू किया गया नया फिटनेस टेस्ट 'ब्रोंको टेस्ट' (Bronco Test) सिर्फ इसलिए लाया गया है ताकि रोहित शर्मा जैसे कुछ खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया जा सके।
आपको बता दें कि यह नया टेस्ट भारत के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स की देखरेख में लाया गया है। यह पहले से मौजूद यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर टाइम ट्रायल के अलावा एक नया फिटनेस मानक है।
मनोज तिवारी का बयान
एक मीडिया पोर्टल से बात करते हुए मनोज तिवारी ने 'ब्रोंको टेस्ट' (Bronco Test) पर अपनी बात को विस्तार से बताते हुए कहा, "मुझे लगता है कि वर्ल्ड कप 2027 तक विराट कोहली को टीम से बाहर रखना मुश्किल होगा। लेकिन मुझे शक है कि रोहित शर्मा को भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं किया जा रहा है। मेरा मानना है कि ब्रोंको टेस्ट इसी मकसद से शुरू किया गया है, ताकि कुछ खिलाड़ियों को बाहर किया जा सके। कोई तो है जो उन्हें टीम का हिस्सा नहीं देखना चाहता।"

मनोज तिवारी ने इस नए नियम की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जब नए कोच पहली सीरीज से जुड़े थे, तब यह टेस्ट क्यों नहीं लाया गया? यह किसका आइडिया था? इसे किसने लागू किया? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर रोहित अपनी फिटनेस पर मेहनत नहीं करते हैं, तो ये टेस्ट उनके लिए बड़ी बाधा बन जाएगा।"
क्या है Bronco Test?
ब्रोंको टेस्ट (Bronco Test) एक हाई-इंटेंसिटी एंड्योरेंस टेस्ट है, जो आमतौर पर रग्बी जैसे खेलों में किया जाता है। इसमें खिलाड़ी को लगातार दौड़ना होता है और उसे कोई ब्रेक नहीं मिलता। खिलाड़ियों को 20 मीटर, 40 मीटर और 60 मीटर की शटल रन करनी होती है। इसे 5 बार दोहराया जाता है। यानी कुल 1200 मीटर की दौड़। टॉप एथलीट इसे लगभग 6 मिनट में पूरा करते हैं।

तिवारी ने वर्ल्ड कप 2011 का दिया उदाहरण
मनोज तिवारी ने अपनी दावे को मजबूत करने के लिए वर्ल्ड कप 2011 का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि तब भी कुछ ऐसा ही हुआ था। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप 2011 जीतने के बाद, जब गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह जैसे दिग्गज अच्छा खेल रहे थे, अचानक यो-यो टेस्ट लागू कर दिया गया। मुझे लगता है कि अब भी यही बात दोहराई जा रही है।"
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