67 साल का सूखा हुआ खत्म, रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहली बार एंट्री मारकर जम्मू- कश्मीर ने रचा इतिहास

67 साल के इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार जगह बनाकर इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में बंगाल को हराकर टीम ने घरेलू क्रिकेट में अपनी नई ताकत का ऐलान कर दिया।

iconPublished: 18 Feb 2026, 04:37 PM
iconUpdated: 18 Feb 2026, 04:48 PM

Jammu-Kashmir qualifies for final of Ranji Trophy: भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐसा अध्याय जुड़ गया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 1959-60 में रणजी ट्रॉफी में पहली बार कदम रखने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम ने 67 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया।

सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर टीम ने अपने सफर का सबसे सुनहरा पन्ना लिखा। इस मुकाबले में जम्मू कश्मीर ने शानदार प्रदर्शन किया और बंगाल को मात देते हुए रणजी ट्रॉफी के (Ranji Trophy) फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।

Ranji Trophy: आकिब नबी का कहर, बंगाल 99 पर ढेर

मैच की असली पटकथा तेज गेंदबाज आकिब नबी ने लिखी। उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 9 विकेट झटके और बंगाल की मजबूत बल्लेबाजी को धराशायी कर दिया। पहली पारी में 328 रन बनाने वाली बंगाल टीम दूसरी पारी में पूरी तरह बिखर गई और 25.1 ओवरों में मात्र 99 रन पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 302 रन बनाकर मुकाबले को संतुलन में रखा था, लेकिन नबी की घातक गेंदबाज़ी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और लक्ष्य को सिर्फ 126 रन तक सीमित कर दिया।

Ranji Trophy: 126 रनों का लक्ष्य का पीछा करते हुए जीती जम्मू-कश्मीर

तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक जम्मू-कश्मीर 43/2 पर था। चौथे दिन सुबह शुभम पुंडीर (27) और कप्तान परस डोगरा (9) के जल्दी आउट होने से टीम पर दबाव जरूर आया, लेकिन इसके बाद वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने पारी को संभाल लिया।

The J&K players celebrate after reaching the final of the Ranji Trophy, Bengal vs Jammu and Kashmir, Ranji Trophy, 2nd semi-final, Kalyani, fourth day, February 18, 2026

दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 55 रन की निर्णायक साझेदारी की। वंशज शर्मा (43*) ने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया, जबकि अब्दुल समद (30*) ने आक्रामक अंदाज में मैच खत्म करते हुए टीम को 34.4 ओवरों में 126/4 तक पहुंचाया।

Ranji Trophy: फाइनल की दहलीज पर जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर ने 2013-14 सीजन में एक दशक बाद पहली बार नॉकआउट में जगह बनाई थी, लेकिन तब खिताबी दौड़ दूर थी। इस बार टीम ने न सिर्फ नॉकआउट पार किया, बल्कि फाइनल में प्रवेश कर यह साबित कर दिया कि अब वह नई ताकत बन चुकी है।

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