LSG vs RCB: 227 रन बनाने के बाद भी कैसे हार गई लखनऊ, यहां जानें 3 सबसे बड़े कारण

LSG vs RCB: लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मुकाबला भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में लखनऊ ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और उन्होंने 227 रन बनाए। इसके जवाब में बेंगलुरु की टीम ने 18.4 ओवरों में ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया और इसी के साथ मुकाबले को 6 विकेट से अपने नाम किया।

icon द्वारा Sonee Srivastav
iconPublished: 28 May 2025, 07:07 AM

LSG vs RCB: लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मुकाबला भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में लखनऊ ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और उन्होंने 227 रन बनाए। इसके जवाब में बेंगलुरु की टीम ने 18.4 ओवरों में ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया और इसी के साथ मुकाबले को 6 विकेट से अपने नाम किया।

इस मैच में लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत ने शतकीय पारी खेली और उन्होंने 61 गेंदों पर 118 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। तो बेंगलुरु की तरफ से जितेश शर्मा ने नाबाद 85 रनों की पारी खेलकर पंत की पारी पर पानी फेर दिया। ऐसे में आइए हम चर्चा करने वाले हैं कि आखिर वो कौन से तीन कारण हैं, जिसकी वजह से लखनऊ को इतने बड़े टोटल के बावजूद हार का सामना करना पड़ा है।

LSG vs RCB: लखनऊ की खराब गेंदबाजी

लखनऊ की गेंदबाजी इस मैच में कमजोर रही। उनके गेंदबाज बेंगलुरु के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों ने कई मौकों पर रन लुटाए, जिससे बेंगलुरु ने आसानी से लक्ष्य का पीछा कर लिया। गेंदबाजों का सही लाइन और लेंग्थ न पकड़ पाना भी एक बड़ा कारण रहा। तेज गेंदबाज विलियम ओरूक ने 2 विकेट जरूर चटकाए लेकिन उन्होंने 74 रन भी खर्च किए। इसके अलावा लखनऊ के किसी भी गेंदबाज की इकोनॉमी 9 से कम नहीं रही।

LSG vs RCB: लखनऊ ने की फील्डिंग में चूक

लखनऊ की फील्डिंग भी इस मैच में निराशाजनक थी। कई आसान कैच छूटे और रन रोकने में गलतियां हुईं। फील्डरों की गलतियों ने बेंगलुरु को अतिरिक्त रन बनाने का मौका दिया, जिसने मैच का रुख बदल दिया। कई बार देखने को मिला, जब खराब फील्डिंग की वजह से विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को रन मिले। ऐसे में खराब फील्डिंग भी लखनऊ की हार का एक कारण बनी।

LSG vs RCB: रणनीति में कमी

लखनऊ की रणनीति भी इस हार का एक कारण रही। इंपैक्ट प्लेयर नियम के बावजूद, टीम के पास केवल पांच गेंदबाज थे और छठा गेंदबाजी विकल्प नहीं था। इससे गेंदबाजी में विविधता की कमी दिखी। साथ ही, कप्तान की ओर से गेंदबाजों का सही इस्तेमाल न होने से बेंगलुरु के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बन सका।

लखनऊ के पास शहबाज अहमद के रूप में पांचवां गेंदबाज था, जिससे उनकी कमजोरी साफ दिखाई दे रही है। ऐसे में छठा गेंदबाजी का विकल्प न होना भी उनके लिए सही नहीं रहा।

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