IND vs ENG: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया की फील्डिंग पर सवाल उठ रहे हैं। गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्केल ने बताया कि लगातार ट्रेनिंग के बावजूद कैच छूटना कई बार खिलाड़ियों के माइंडसेट से जुड़ा होता है।
IND vs ENG: लगातार ट्रेनिंग के बाद भी टीम इंडिया की फील्डिंग क्यों कमजोर? सेमीफाइनल से पहले कोच ने बताई बड़ी वजह
Team India fielding ahead of IND vs ENG: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और भारतीय टीम अब सेमीफाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगी। टूर्नामेंट में भारत का सफर अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन टीम ने अहम मौकों पर जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
ग्रुप स्टेज में अजेय रहते हुए सुपर-8 में पहुंची भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी थी। हालांकि इसके बाद टीम ने शानदार वापसी करते हुए जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज को हराकर अंतिम चार में अपना स्थान पक्का कर लिया। लेकिन इस पूरे अभियान के दौरान टीम इंडिया की फील्डिंग लगातार सवालों के घेरे में रही है।
IND vs ENG: कैच पर फोकस, फिर भी क्यों हो रही गलतियां?
भारतीय टीम की फील्डिंग लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और इस विश्व कप में भी इसमें खास सुधार देखने को नहीं मिला। वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच में टीम इंडिया ने तीन आसान कैच टपकाए थे, जिससे विपक्षी टीम को अतिरिक्त रन बनाने का मौका मिला। इससे पहले भी कई मुकाबलों में भारतीय फील्डर्स से कैच छूटे और रन आउट के मौके गंवाए गए।

भारत के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्केल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम फील्डिंग पर लगातार मेहनत कर रही है, लेकिन कई बार कैच छूटना तकनीक से ज्यादा माइंडसेट का मामला होता है। मॉर्केल के मुताबिक कोई भी खिलाड़ी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता, लेकिन दबाव में छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं। उन्होंने यह भी माना कि कभी-कभी टीम 15-20 रन अतिरिक्त दे देती है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है।
IND vs ENG: खिलाड़ियों को लेनी होगी जिम्मेदारी
मॉर्केल ने साफ कहा कि फील्डिंग में सुधार के लिए खिलाड़ियों को खुद जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग सेशन में कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग पर खास फोकस किया जा रहा है, लेकिन मैच के दौरान खिलाड़ियों को बेहतर माइंडसेट के साथ मैदान पर उतरना होगा। कोच का मानना है कि बड़े मुकाबलों में छोटी गलतियां मैच का रुख बदल सकती हैं। ऐसे में सेमीफाइनल जैसे हाई-प्रेशर मैच से पहले खिलाड़ियों को अधिक सतर्क रहना होगा ताकि टीम को अतिरिक्त रन देने से बचाया जा सके।

IND vs ENG: लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में भिड़ेंगे भारत-इंग्लैंड
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह लगातार तीसरी बार होगा जब भारत और इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। 2022 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने भारत को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था, जबकि 2024 के टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने हिसाब बराबर करते हुए इंग्लैंड को मात दी थी।
दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों टीमों के बीच खेले गए सेमीफाइनल (IND vs ENG) की विजेता टीम ही बाद में टूर्नामेंट की चैंपियन बनी है। ऐसे में मुंबई में होने वाला यह मुकाबला एक बार फिर बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज होने की उम्मीद है।
IND vs ENG: सेमीफाइनल में फील्डिंग होगी अहम
इंग्लैंड जैसी आक्रामक टीम के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में फील्डिंग का स्तर बेहद अहम रहने वाला है। अगर भारतीय टीम कैच छोड़ने और मिसफील्ड जैसी गलतियों को कम कर पाती है, तो उसके लिए फाइनल का रास्ता काफी आसान हो सकता है।