IND vs ENG Test Series: टीम इंडिया के स्टार और धाकड़ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के पहले टेस्ट मैच खेलने पर संशय बरकरार है। बुमराह लेकर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड गॉवर ने बड़ा बयान दिया है।
IND vs ENG: क्या जसप्रीत बुमराह को खेलना चाहिए हेडिंग्ले टेस्ट? पूर्व इंग्लिश कप्तान का हैरान करने वाला बयान
IND vs ENG Test Series, Jasprit Bumrah: शुभमन गिल की कप्तानी में यंग और नई टीम इंडिया इंग्लैंड के छक्के छुड़ाने को पूरी तरह से तैयार है। इंग्लैंड दौरे पर गई टीम इंडिया शुक्रवार, 20 जून को हेडिंग्ले में पहला टेस्ट मैच खेलेगी।
इस सीरीज के शुरु होने के साथ ही सभी की निगाह भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर टिकी हुई है। बुमराह के वर्कलोड और इंजरी को लेकर टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई काफी गंभीर हैं। ऐसे में बुमराह का इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलना पूरी तरह से उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा।
जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट हैं?
टीम इंडिया में जसप्रीत बुमराह काफी अहम रोल निभाते हैं। बुमराह की सटीक यॉर्कर से दुनिया का कोई बल्लेबाज बच नहीं पाया है। ऑस्ट्रेलिया दौरे में बुमराह ने अकेले अपने दम पर कंगारूओं की नाक में दम कर दिया था। हालांकि, इस दौरान उन्हें आखिरी टेस्ट के दौरान पीठ में काफी चोट आ गई थी। जिसके कारण वे चैंपियंस ट्रॉफी नहीं खेल पाए थे।

बुमराह की टीम इंडिया में वापसी
इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले बुमराह को नेट्स में प्रैक्टिस करते देखा गया था। उनकी फिटनेस को लेकर बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट संभलकर कदम उठा रहे हैं। वहीं इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड गॉवर ने कहा है कि अगर बुमराह 75 प्रतिशत भी फिट हैं तो उन्हें खिलाना चाहिए।

बुमराह की फिटनेस है अहम: डेविड गॉवर
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड गॉवर ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत के दौरान कहा कि, "जसप्रीत बुमराह एक शानदार गेंदबाज हैं- विश्व स्तरीय। उनकी फिटनेस बहुत अहम है। अगर मैं इंग्लैंड टीम में होता, तो मैं चाहता कि वो बिल्कुल भी न खेले! अगर भारत को उनके कार्यभार को मैनेज करने की जरूरत है, तो उन्हें रणनीतिक होना चाहिए - पिच की स्थिति, विपक्ष को देखें और पता लगाएं कि वह सबसे ज्यादा इफैक्ट कहां डाल सकते हैं।"

बुमराह से डरा इंग्लैंड
उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा कि, "इंग्लैंड की पिचें आमतौर पर अच्छी होती हैं। गेंदबाजों के लिए बहुत अनुकूल नहीं । इसलिए बुमराह जैसी क्वालिटी वाला कोई खिलाड़ी अंतर पैदा कर सकता है। अगर वह 75-80% भी फिट है, तो भी मैं उसे प्लेइंग इलेवन में रखना चाहूंगा। भारत को स्मार्ट और लचीला होना होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह कैसा महसूस कर रहा है और परिस्थितियां क्या मांग करती हैं।"