T20 World Cup से पहले बदले खेल के नियम, गेंद की साइज से बल्ले की डिजाइन तक; अब अधूरे रन और हिट विकेट पर भी नए कायदे
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनमें गेंद की साइज, बल्ले की बनावट, अधूरे रन, हिट विकेट और आखिरी ओवर से जुड़े नए कायदे शामिल हैं।
ICC Changes rules: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले क्रिकेट के नियमों में बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ महिला, जूनियर और घरेलू क्रिकेट पर भी पड़ेगा। खेल को ज्यादा साफ, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था ने 3 फरवरी को इन बदलावों की घोषणा की। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे, हालांकि इनमें से कुछ नियमों को पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा चुका है। गेंद की साइज से लेकर बल्ले की बनावट और आउट होने के तरीकों तक कई नियमों में संशोधन किया गया है।
अब महिला और जूनियर क्रिकेट में अलग-अलग साइज और वजन की गेंदों का इस्तेमाल किया जाएगा। गेंद को साइज 1, साइज 2 और साइज 3 में बांटा गया है। साइज 1 वही होगी, जो पुरुष क्रिकेट में उपयोग की जाती है। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि महिलाओं और बच्चों के हाथों के हिसाब से मौजूदा गेंद उपयुक्त नहीं मानी जाती थी।
महंगे होते बल्लों पर नियंत्रण के लिए अब लैमिनेटेड बल्लों से खेलने की अनुमति दे दी गई है। इन बल्लों में लकड़ी के तीन हिस्सों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। जांच में पाया गया कि ऐसे बल्लों से बल्लेबाज को किसी तरह का अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता। हालांकि शीर्ष स्तर के क्रिकेट में अब भी एक ही लकड़ी से बने बल्ले मान्य रहेंगे।
अब दिन के खेल का आखिरी ओवर विकेट गिरने पर भी पूरा कराया जाएगा। पहले विकेट गिरते ही कई बार खेल रोक दिया जाता था, जिससे गेंदबाजी करने वाली टीम को नुकसान होता था। इसके अलावा अगर बल्लेबाज जानबूझकर अधूरा रन लेते हैं, तो फील्डिंग टीम तय करेगी कि अगली गेंद पर कौन बल्लेबाज स्ट्राइक पर रहेगा।
हिट विकेट के नियम को साफ किया गया है। अगर बल्लेबाज या उसका सामान किसी फील्डर से टकराकर स्टंप्स से लगता है, तो उसे हिट विकेट नहीं माना जाएगा। रन आउट और स्टंपिंग तभी मान्य होंगे, जब गेंद पूरी तरह फील्डर या विकेटकीपर के हाथ में हो। वहीं ओवरथ्रो और मिसफील्ड के बीच फर्क भी साफ कर दिया गया है, ताकि विवाद की गुंजाइश कम हो सके।