BCCI के नए कॉन्ट्रैक्ट बदलाव के बाद जसप्रीत बुमराह की सैलरी और ग्रेड को लेकर विवाद बढ़ गया है। बोर्ड अब इस मुद्दे पर मुआवजे या बदलाव के जरिए समाधान निकालने पर विचार कर रहा है।
BCCI कॉन्ट्रैक्ट में बुमराह का प्रमोशन तय? 2 करोड़ पर क्यों मचा है बवाल; जानिए पूरा मामला
Jasprit Bumrah annual contract update: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को लेकर बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। खासकर जसप्रीत बुमराह को लेकर उठे सवालों ने इस मुद्दे को और भी गर्म कर दिया है। एक तरफ बोर्ड ने कॉन्ट्रैक्ट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है, तो वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों की सैलरी और ग्रेडिंग पर बहस तेज हो गई है।
टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद मैच-विनर गेंदबाजों में शामिल बुमराह के साथ हो रही कथित ‘नाइंसाफी’ अब चर्चा का विषय बन चुकी है। फैंस से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और अब सबकी नजरें BCCI के अगले कदम पर टिकी हैं।
A+ ग्रेड खत्म होने से बदला पूरा खेल
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2025-26 के सालाना कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा बदलाव करते हुए सबसे ऊंचे ‘A+’ ग्रेड को पूरी तरह खत्म कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कैटेगरी के सख्त मानकों को पूरा करने वाले पर्याप्त खिलाड़ी नहीं बचे थे।

पिछले साल तक रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और रविंद्र जडेजा इस एलीट ग्रुप में शामिल थे, जिन्हें सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते थे। लेकिन अब रोहित और कोहली के टी20 से संन्यास और जडेजा के सीमित फॉर्मेट से दूरी के बाद बुमराह ही इस ग्रेड के इकलौते दावेदार रह गए थे।
बुमराह-जडेजा को ‘ग्रेड ए’ में किया गया शिफ्ट
A+ ग्रेड हटने के बाद जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और रविंद्र जडेजा को ‘ग्रेड ए’ में रखा गया है, जहां सालाना फीस 5 करोड़ रुपये है। हालांकि, बुमराह जैसे लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी की फीस में आई इस कमी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बोर्ड के भीतर भी इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या यह फैसला उनके योगदान के साथ न्याय करता है या नहीं।

Jasprit Bumrah का नुकसान नहीं होने देगा बोर्ड
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI इस मामले को लेकर गंभीर है और बुमराह (Jasprit Bumrah) को किसी भी तरह नुकसान नहीं होने देना चाहता। एक सूत्र ने बताया कि बोर्ड इस बात पर विचार कर रहा है कि उन्हें कैसे मुआवजा दिया जाए। संभावना है कि कॉन्ट्रैक्ट स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव किए जाएं या अलग से कोई व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उनके जैसे मैच-विनर खिलाड़ी के साथ किसी तरह की नाइंसाफी न हो।

अक्षर पटेल का मामला भी बना चर्चा का विषय
सिर्फ बुमराह (Jasprit Bumrah) ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के टी20 उप-कप्तान अक्षर पटेल का नाम भी इस बहस में सामने आया है। सफेद गेंद के क्रिकेट में लगातार अहम भूमिका निभाने के बावजूद अक्षर को ‘ग्रेड सी’ में रखा गया है।