अब नहीं चलेगी चालाकी! IPL 2026 में DRS को लेकर सख्त हुआ BCCI; बदल दिया नियम

आईपीएल 2026 में बीसीसीआई ने डीआरएस नियम में बड़ा बदलाव करते हुए सभी को हैरान कर दिया है जिसके बाद अब किसी भी टीम या खिलाड़ी की चालाकी नहीं चलने वाली है।

iconPublished: 30 Mar 2026, 05:46 PM
iconUpdated: 30 Mar 2026, 07:05 PM

IPL 2026, Rule change in DRS: आईपीएल 2026 की शुरुआत के साथ ही मैदान पर सिर्फ मुकाबलों का रोमांच ही नहीं, बल्कि नियमों में बदलाव भी चर्चा का केंद्र बन गया है। नए सीजन के शुरुआती दो मैचों के बाद अब धीरे-धीरे साफ हो रहा है कि इस बार इंडियन प्रीमियर लीग में कई अहम बदलाव लागू किए गए हैं, जिनका सीधा असर मैच के नतीजों और रणनीतियों पर पड़ेगा।

इन बदलावों में सबसे बड़ा फैसला डीआरएस यानी निर्णय समीक्षा प्रणाली को लेकर सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस नियम में बदलाव कर टीमों की “चालाकी” पर लगाम लगाने की कोशिश की है, जिससे अब रिव्यू का इस्तेमाल पहले जैसा आसान नहीं रहेगा।

IPL 2026: अब डीआरएस में क्या बदला?

नए नियम के तहत अब एक डीआरएस में सिर्फ उसी फैसले की जांच होगी, जिसके लिए अपील की गई है। यानी अगर किसी टीम ने कैच आउट के लिए रिव्यू लिया है, तो तीसरा अंपायर केवल उसी पहलू पर फैसला करेगा, किसी अन्य चीज़ की जांच नहीं की जाएगी।

IPL 2025 - Umpires check players' bat size on the field during Sunday double-header | ESPNcricinfo

पहले ऐसा होता था कि एक ही रिव्यू में कई चीजों की जांच हो जाती थी। उदाहरण के तौर पर, अगर कैच की अपील खारिज होती थी तो साथ में वाइड या नो-बॉल भी चेक हो जाती थी। इसी खामी का फायदा उठाकर टीमें कई बार मैच का रुख बदल देती थीं, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा।

IPL 2026: कप्तानों को पहले ही दे दी गई थी जानकारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजन शुरू होने से पहले सभी 10 टीमों के कप्तानों की बैठक में इस नियम बदलाव की जानकारी दे दी गई थी। इस दौरान मैच रेफरी प्रमुख जवागल श्रीनाथ और अंपायरिंग प्रमुख नितिन मेनन ने टीमों को विस्तार से समझाया कि नए डीआरएस नियम कैसे काम करेंगे।

IPL 2026: बल्लेबाजों के लिए भी सख्ती

इस सीजन (IPL 2026) में अब बल्लेबाजों के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। अगर बल्लेबाज को लगता है कि गेंद उसके बल्ले से नहीं लगी और उसे वाइड दिया जाना चाहिए था, तो उसे खुद डीआरएस लेना होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि बल्लेबाज को यह फैसला सिर्फ 15 सेकंड के भीतर लेना होगा। तीसरे अंपायर के निर्णय के बाद दोबारा अपील के लिए अलग से समय नहीं दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को तुरंत निर्णय लेना पड़ेगा।

IPL 2026: कनकशन नियम में भी बदलाव

डीआरएस के अलावा कनेक्शन सब्स्टीट्यूट के नियम में भी बदलाव किया गया है। अब किसी खिलाड़ी को चोट लगने पर उसकी जगह वही खिलाड़ी आ सकेगा, जो पहले से चुने गए इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट में शामिल हो। अगर विकेटकीपर को बदलना पड़ता है तो टीम को उसी स्क्वॉड में से विकल्प चुनना होगा। वहीं विदेशी खिलाड़ी के मामले में भी नियम सख्त किए गए हैं, अगर प्लेइंग-11 में पहले से 4 विदेशी खिलाड़ी हैं, तो रिप्लेसमेंट भारतीय ही होगा।

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