लड़खड़ाती टीम इंडिया की बैसाखी बन जाते थे Raina, गोल्डन डक से शुरू हुए करियर के बाद Mr. IPL ने रचे कई कीर्तिमान

Mr. IPL, चिन्ना थाला, Mr. डिपेंडेबल और ना जाने क्या-क्या... एक समय हुआ करता था, जब लड़खड़ाती हुई भारतीय पारी देखने के बाद फैंस के मुंह से निकलता था रैना... है ना.. आज टीम इंडिया के पूर्व स्टार खिलाड़ी सुरेश रैना (Suresh Raina) अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पास बसे एक छोटे से शहर मुरादनगर में रैना का जन्म हुआ था।

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By Akhil Gupta
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लड़खड़ाती टीम इंडिया की बैसाखी बन जाते थे Raina, गोल्डन डक से शुरू हुए करियर के बाद Mr. IPL ने रचे कई कीर्तिमान

Mr. IPL, चिन्ना थाला, Mr. डिपेंडेबल और ना जाने क्या-क्या... एक समय हुआ करता था, जब लड़खड़ाती हुई भारतीय पारी देखने के बाद फैंस के मुंह से निकलता था रैना... है ना.. आज टीम इंडिया के पूर्व स्टार खिलाड़ी सुरेश रैना (Suresh Raina) अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पास बसे एक छोटे से शहर मुरादनगर में रैना का जन्म हुआ था।

सुरेश रैना के पिता त्रिलोकचंद रैना भारतीय सेना में आर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करते थे, तब शायद ही उन्होंने या रैना परिवार में से किसी ने सोचा होगा कि एक दिन उनके घर का चिराग देश का लाड़ला बन जाएगा। कड़ी मेहनत और संघर्ष कर रैना ने ना सिर्फ टीम इंडिया में जगह बनाई, बल्कि मिडिल ऑर्डर में भारतीय टीम की रीढ़ की हड्डी भी बन गए। 

रैना ने अकेले अपने दम पर भारतीय टीम को अनगिनत मुकाबले जिताए। फिर चाहें 2011 वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई 39 गेंदों पर 36 रन की जुझारू पारी हो या उससे ठीक एक मैच पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में खेली गई नाबाद 34 रन की पारी। रैना थे तो मुमकिन था।

कैसे शुरू हुआ क्रिकेटर बनने का सफर 

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रैना ने महज 14 साल की उम्र में ही क्रिकेटर बनने का फैसला किया था और अपने सपने को पूरा करने के लिए वह लखनऊ के गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट कॉलेज में क्रिकेट सीखने के लिए गए। अपने शानदार प्रदर्शन के चलते वह जल्द ही उत्तर प्रदेश अंडर-16 क्रिकेट टीम के कप्तान बने। 15 साल की उम्र में रैना का चयन इंग्लैंड दौरे के लिए अंडर-19 टीम में हुआ। 2003 में असम के खिलाफ रैना के रणजी करियर का आगाज हुआ। 2004 में बाएं हाथ के बल्लेबाज को अंडर-19 वर्ल्ड कप की टीम में शामिल किया गया, उस टीम की कमान अंबाती रायडू के पास थी।

रैना ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया और 7 मैचों में 35.28 की औसत से 247 रन बना डाले। इस दौरान उनके बल्ले से 3 अर्धशतक देखने को मिले। वर्ल्ड कप में बेहतरीन खेल दिखाने के बाद उन्हें बॉर्डर गावस्कर स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अकादमी में अपना एडमिशन कराया। आखिरकार 19 साल की उम्र में रैना का सपना साकार हुआ और उनको टीम इंडिया में चुना गया।

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2005 में हुआ इंटरनेशनल डेब्यू 

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30 जुलाई 2005 को राहुल द्रविड़ की अगुआई में सुरैश रैना ने श्रीलंका के खिलाफ दांबुला के मैदान पर अपना वनडे डेब्यू किया। हालांकि इस मैच में वह कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और गोल्डन डक पर अपना विकेट गंवा बैठे। शुरुआत भले ही गोल्डन डक के साथ हुई हो, लेकिन रैना कहां रुकने वाले थे। सुरेश रैना ने टीम इंडिया के लिए 226 एकदिवसीय मैच खेले और 35.31 की औसत और 93.50 के स्ट्राइक रेट से कुल 5615 रन बनाए। 50 ओवर फॉर्मेट में उनके बल्ले से 5 शतक और 36 अर्धशतक देखने को मिले। बतौर गेंदबाज भी सुरेश ने टीम की जीत में अपना अहम योगदान दिया और 36 विकेट चटकाए।

98 वनडे के बाद हुआ टेस्ट डेब्यू

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वनडे डेब्यू के पांच साल बाद और 98 एकदिवसीय खेलने के बाद 2010 में सुरेश रैना को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। रैना ने एमएस धोनी की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेला और क्या खेला.. टेस्ट डेब्यू पर रैना ने इतिहास रच डाला। 36 वर्षीय खिलाड़ी ने पहली पारी में 228 गेंदों पर 120 रन जड़े और पहले ही टेस्ट में शतक ठोकने वाले 12वें भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

इस शतक के साथ ही रैना पहले ऐसे भारतीय खिलाड़ी भी बन गए, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए शतक जड़ा हो। 

रैना का टेस्ट करियर ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया और उन्होंने 18 मैचों में 26.48 की औसत से 768 रन बनाए। 31 पारियों में उनके बल्ले से एक शतक और 7 अर्धशतक देखने को मिले। उन्होंने 13 विकेट भी अपने नाम किए।

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T20I का असली किंग

फटाफट क्रिकेट में भी सुरेश का बल्ला खूब चला। आज भी उनको टी20 स्पेशलिस्ट खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है। रैना ने 2006 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला T20I मैच खेला और लंबे समय तक इस फॉर्मेट में अपनी धाक जमाई। उन्होंने 78 T20I मैचों में लगभग 135 के स्ट्राइक रेट से कुल 1605 रन बनाए। 2010 के टी20 वर्ल्ड कप में अफ्रीकी टीम के खिलाफ रैना ने यादगार शतक जड़ा था। इसके साथ ही वह भारत की ओर से इस फॉर्मेट में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए।

33 साल की उम्र में लिया संन्यास 

भारतीय टीम में वापसी की खबरों के बीच रैना ने सभी को चौंकाते हुए केवल 33 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था। रैना ने 2020 में 15 अगस्त के मौके पर महेंद्र सिंह धोनी के तुरंत बाद अपने संन्यास की घोषणा की थी। रिटायरमेंट के बाद वो साल 2021 के आईपीएल में जरूर खेले थे, लेकिन उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा। IPL-15 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने भी उन्हें टीम से रिलीज कर दिया और फिर मेगा ऑक्शन के दौरान भी वह अनसोल्ड रहे। रैना का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये था, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई।

IPL का बादशाह 

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सुरेश रैना ने आईपीएल में भी खूब धमाल मचाया। आईपीएल में अनुभवी खिलाड़ी ने 205 मैच खेले और 32.52 की औसत और लगभग 137 के स्ट्राइक रेट से कुल 5528 रन बनाने में सफल रहे। इस टूर्नामेंट में उनके नाम पर एक शतक और 39 अर्धशतक दर्ज हैं। CSK की ओर से खेलते हुए उन्होंने 2010, 2011, 2018 और 2021 के आईपीएल जीते। रैना आईपीएल इतिहास के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2008 से लेकर 2019 तक लगातार 12 सीजन में 300 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं।

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